शुक्रवार, 3 मार्च 2017

हाँ तुम कर सकते हो

हाँ तुम कर सकते हो,
असंभव नहीं कुछ भी यहाँ,
माँझी ने भी तो किया असंभव को संभव है,
हाँ तुम कर सकते हो,
देख ऊंचाई को हार मत मानो तुम,
ऊंचाई पर चढ़ने का राह निकालो तुम,
अभी तो राह शुरू हुई है, बढ़ते चलो-बढ़ते चलो,
थक कर मत बैठो तुम, हार मत मानो तुम,
जीवन का नाम संघर्ष है,
संघर्ष करते चलो बढ़ते चलो-बढ़ते चलो,
राह कठिन है पर मंजिल सुखदाई होता है,
गम के बाद ही तो सुख का अगुवाई होता है,
संघर्ष करते चलो बढ़ते चलो-बढ़ते चलो,
हाँ तुम कर सकते हो,
असंभव नहीं कुछ भी यहाँ,
- ऋषिकान्त भगत..✍

तुम्हारी यादे

आज तो हद ही हो गई तुम्हारी यादो की
पता नही पर परीक्षा नजदीक आते ही तुम्हारी यादे भी नजदीक आ जाती है मानो ऐसा लगता है जैसे कौई साजिस हो मेरे खिलाप परीक्षा का खुद तो आती है साथ में तुम्हारी यादे भी लाती है अब एक तरफ परीक्षा और दूसरी तरफ तुम और बिच में बेचारा मै अब यादे कहाँ कम थी जो तुम्हारे फोन  उसे पुरा करने आ जाते है मुझे तो ऐसा लगता है जैसे हम दोनो के खिलाप साजिस होती है इनकी तभी तो पिछले परीक्षा में भी ऐसा ही हूआ था और उसका परिणाम तो तुम जानती ही हो तुम्हारे 255 अंक और मेरे 256 अंक अब इनमे अंतर ही क्या है तुम्हारे अंक से एक अंक ज्यादा देखने में तो ऐसा लगता है ये हमारे पढ़ाई के परिणाम नही बल्की हमदोनो के बिच प्यार की बातो का परिणाम है जिसने ज्यादा प्यार किया उसके कम अंक और जिसने कम प्यार किया उसके ज्यादा अंक लेकिन हमदोनो ने एक दुसरे से एक समान प्यार किया शायद तभी तो परिणाम कुछ ऐसे थे 255 - 256😘😘😘